Friday, 16 September 2016

आबे ज़मजम क्या ह

💭💭आबे ज़मजम क्या है?💭💭

जमजम 18 x 14 फुट और 13 मीटर गहरा कुंआ है

जो 4000 साल पहेले शुरू हुआ

उस दिन से आजतक ये कभी भी सूखा नहीं

उस दिन से आज तक इस पानी का जाएका कभी बदला नहीं

कोई हरियाली या पेड़, पौधे इस कुएं में नहीं उगते

इस लिए ये पानी कभी मैला नहीं होता ना इस से कोई बीमारी होती है

यूरोप के बड़े बड़े लैब ने इस पानी का मुआयना किया और इस पानी को पीने के लिए सही बताया

ये छोटा कुंआ लगभग 2 करोड़ लोगो को पानी पिलाता है

इस कुएं में ऐसी मोटरें लगाई गयी है जो हर सेकंड 8000 लीटर पानी खींचती है

और ये दिन के 24 घंटे चलता रहता है

ये इस कुएं की शान है की ये कुंआ वापस सिर्फ 11 मिनिट में फिर से भर जाता है।
इस लिए इसके पानी का लेवल कभी कम नहीं होता

सुबहान अल्लाह

ये बात रुकनी नही चाहिए सभी दोस्तों को शेयर करे।
अल्लाह हमे नेक काम करने की तौफीक दे।
अामीन

Raat ko sone se pahele ye padhe taaki aap ki raat ibadat me guzre aur aap ke gunah kam ho
  
3 Bar .Astagfar
3 Bar .Subhanallah
3 Bar .Durood-Pak
3 Bar .Pahela Kalma
3 Bar. Surh Ikhlas
*_ _ _ _ _ _*
1 Minute Tak Msg Sb Ko send Kro
1 Din Apko Ye 1 Minute Kaam Aaega...
इसलाम धर्म से बढ़कर और कोई धर्म नहीं
इसे आखिर तक पडे………
हुजुर पाक "सल्लाहो अलैही वसल्लम " ने फरमाया के ए अलि "रजि. ता. अल्हा" रात को रोजाना पांच काम करके सोया करो……………………|
1. 400 दिनार सदका देकर सोया करो……………………|
2. एक कुरआन पाक पड़कर सोया करो…………………|
3. जन्नत की कीमत देकर सोया करो……………………|
4. दो लड़ने वालो मे सुल्हे कराके सोया करो……………………|
5. एक हज करके सोया करो……………………|
…………………
हजरत अली रजि. ता. अल्हा. ने फरमाया के या रसुललला ये तो मेरे लिये बहुत मुश्किल हे !
तो हमारे आका ने फरमाया ??
…………………………………
1. ए अली चार मर्तबा सूरहे फातहा "अल्हम्दो शरीफ़" पढकर सोया करो | इसका सवाब 400 दिनार सदका देने के बराबर हे …|
2. तीन मर्तबा "कुल होव्ल्लाहो अहद" पढकर सोया करो | इसका सवाब कुरआन पड़ने के बराबर हे …|
3. दस मर्तबा "दुरुद शरीफ़" पढकर सोया करो | इसका सवाब जन्नत की किमत अदा करने के बराबर होगा…|
4. दस मर्तबा "तोबा अस्तयफ़ार" पढ कर सोया करो | इसका सवाब दो लड़ने वालो के दरमियान सुल्ह कराने के बराबर होगा…|
5. चार मर्तबा "तीसरा कलमा" पढकर सोया करो | इसका सवाब एक हज के बराबर होगा ……|
इस पर आप हजरत अली ने फरमाया ए मेरे आका ये अमल तो अब रोज रात को पढकर ही सोया करूँगा………
अल्लाह तआला हम सबको यह अमल रोज रात मे पढकर सोने की तोफिक अता फरमाये |
{आमीन-अल्लाहुम्मा-आमीन}
नमाज पढे इससे पहले की लोग आपकी नमाज पढ ले...
अगर ये msj पढकर कोई इस पर अमल करेगा तो उसका सवाब आप को मिलेगा
इसे अपने पास मत रखे बलके शयर करे
दुआ का तलबगार. ........                                
अल्लाह वो है जो व्हेल मछली🐋 को भी रोज़ाना समन्दर में 33 टन(यानी 36,960kg) गोश खिलाता है ।

सुभान अल्लाह ,तो फिर हम सिर्फ 2 रोटी🍪 के लिए इतना परेशान क्यों होते है ।

तो सिर्फ अल्लाह से मांगों जो देता ख़ुशी से और कहता नही किसी से।

जो रब से नही मांगता वो सब से मांगता है।

ऐ अल्लाह ये बात आगे पहुँचने वाले को कभी किसी का मोहताज ना करना ।
    
                                     अमीन......@

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